चूंकि मूल आर्टिकल (https://www.binance.com/en/blog/from-our-ceo/421499824684900429बहुत लंबा और शब्दों से भरा है, इसलिए मैंने इसका एक संक्षिप्त वर्ज़न तैयार किया है।

सुरक्षा उपायों को अपनी होल्डिंग्स की वैल्यू और अपनी तकनीकी समझ के हिसाब से चुनें। तीन चीज़ों पर खास ध्यान दें: चोरी रोकना, गलती से होने वाले नुकसान से बचना, और विरासत (inheritance) की व्यवस्था करना।
सेल्फ-कस्टडी (Self-custody)
प्राइवेट कीज़ (private keys) ही आपके फंड तक पहुंच का अधिकार देती हैं। सीड फ्रेज़ (seed phrases) इन्हीं कीज़ को बनाते हैं। इनमें से कोई भी चीज़ जिसके हाथ लग जाए, वह उससे जुड़ी क्रिप्टो पर कंट्रोल कर सकता है।
सेल्फ-कस्टडी के लिए सुरक्षित डिवाइस, भरोसेमंद बैकअप और काम करने वाला रिकवरी प्लान ज़रूरी है।
- कीज़ की चोरी रोकें
कंप्यूटर
- कीज़ स्टोर करने और ट्रांज़ैक्शन साइन करने के लिए एक अलग ऑफ़लाइन कंप्यूटर का इस्तेमाल करें।
- सॉफ़्टवेयर हमेशा ऑफिशियल सोर्सेज़ से, साफ़ रिमूवेबल मीडिया (USB आदि) के ज़रिए इंस्टॉल करें।
- डाउनलोड की गई फाइल्स में मैलवेयर और जानी-मानी सुरक्षा खामियों की जांच ज़रूर करें।
- ऐसे सपोर्टेड सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें जो ऑफ़लाइन साइनिंग की सुविधा देता हो।
- डिस्क को एन्क्रिप्ट करें और कंप्यूटर को फिजिकली भी सुरक्षित रखें।
मोबाइल फोन
- एक अलग फोन का इस्तेमाल करें और वॉलेट इंस्टॉल करने से पहले उसे रीसेट कर लें।
- सिर्फ ज़रूरी वॉलेट सॉफ़्टवेयर ही इंस्टॉल करें; फोन को रूट या जेलब्रेक करने से बचें।
- फोन को ऑफ़लाइन ही रखें, सिवाय उन मौकों के जब ट्रांसफर या अपडेट के लिए इंटरनेट ज़रूरी हो।
- मज़बूत पासकोड लगाएं और फोन पर अपना फिजिकल कंट्रोल बनाए रखें।
- पूरी तरह ऑफ़लाइन वॉलेट के लिए, यह पहले से तय कर लें कि सॉफ़्टवेयर कैसे अपडेट होगा और फंड सुरक्षित तरीके से कैसे ट्रांसफर होंगे।
हार्डवेयर वॉलेट
- किसी भरोसेमंद और स्थापित डिवाइस को चुनें और उसे चोरी या छेड़छाड़ से बचाकर रखें।
- जिस कंप्यूटर या फोन से इसे कनेक्ट करें, उसे भी सुरक्षित रखें।
- ट्रांसफर अप्रूव करने से पहले डेस्टिनेशन एड्रेस को हार्डवेयर वॉलेट पर वेरीफाई ज़रूर करें।
- बैकअप को भी उतनी ही सावधानी से सुरक्षित रखें जितना खुद डिवाइस को।
हार्डवेयर वॉलेट प्राइवेट कीज़ के एक्सपोज़र को कम करते हैं, लेकिन सॉफ़्टवेयर की खामियों, फिजिकल अटैक और असुरक्षित बैकअप से ये अभी भी खतरे में रह सकते हैं।
- कीज़ खोने से बचें
अलग-अलग जगहों पर कई सुरक्षित बैकअप रखें।
- कागज़: बनाना आसान है, लेकिन खराब होने, खो जाने, लिखने में गलती होने और दूसरों द्वारा पढ़े जाने का खतरा रहता है।
- मेटल: ज़्यादा टिकाऊ होता है, फिर भी खोने और अनधिकृत लोगों द्वारा पढ़े जाने का जोखिम बना रहता है।
- एन्क्रिप्टेड USB ड्राइव: अलग-अलग जगहों पर बैकअप रखने की सुविधा देती हैं, लेकिन इसके लिए मज़बूत एन्क्रिप्शन और तकनीकी समझ ज़रूरी है।
कीज़ की फोटो या स्क्रीनशॉट लेने से बचें, क्योंकि ये क्लाउड अकाउंट्स पर सिंक हो सकते हैं। बैकअप और एन्क्रिप्शन टूल्स के बारे में अच्छे से जानकारी लें, एक्सेस सीमित रखें और यह पक्का करें कि रिकवरी प्रोसेस सही से काम करता है।
- विरासत (inheritance) की प्लानिंग करें
ऐसा रिकवरी प्रोसेस बनाएं जिससे आपकी ज़िंदगी में फंड बिना ज़रूरत के एक्सपोज़ न हों।
कीज़ शेयर करने से पाने वाले को तुरंत खर्च करने का अधिकार मिल जाता है, जिससे नुकसान या चोरी के रास्ते और खुल जाते हैं। किसी तीसरे व्यक्ति (intermediary) के पास कीज़ रखने में भी यही खतरे होते हैं।
डेड मैन स्विच (dead man’s switch) लंबे समय तक कोई एक्टिविटी न होने पर अपने आप निर्देश जारी कर सकता है। इस पर पूरी तरह भरोसा करने से पहले सर्विस की अच्छी तरह जांच-परख कर लें।
शेड्यूल किए गए मैसेजेस में बिना एन्क्रिप्ट की गई कीज़ या बैकअप पासवर्ड कभी न रखें। रिकवरी निर्देशों को सही व्यक्ति के लिए एन्क्रिप्ट करें—उदाहरण के लिए, उनकी PGP पब्लिक की का इस्तेमाल करके। जिन्हें यह मिल रहा है उन्हें यह प्रोसेस समझना चाहिए और डिक्रिप्ट करने के लिए ज़रूरी प्राइवेट की को सुरक्षित रखना आना चाहिए।
सेंट्रलाइज़्ड एक्सचेंज (Centralized exchanges)
एक्सचेंज कस्टडी और इंफ्रास्ट्रक्चर संभालते हैं; लेकिन अकाउंट की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी यूज़र्स की ही होती है।
एक्सचेंज की प्रतिष्ठा, सुरक्षा संसाधनों, टेस्टिंग के तरीकों और उनके बिज़नेस मॉडल की मज़बूती को परखें। ज़रूरत से ज़्यादा लुभावने ऑफ़र्स या आय के अस्पष्ट स्रोतों से सावधान रहें। एक्सचेंज कस्टडी में काउंटरपार्टी रिस्क (counterparty risk) होता है।
अपना अकाउंट सुरक्षित करें
1. कंप्यूटर को सुरक्षित रखें
जहां तक हो सके, एक अलग कंप्यूटर का इस्तेमाल करें। एंटीवायरस और फायरवॉल चालू रखें, कम से कम सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और डाउनलोड सीमित रखें। उसी नेटवर्क से जुड़े बाकी डिवाइस को भी सुरक्षित रखें।
ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स के अपडेट तुरंत इंस्टॉल करें। मैसेजिंग ऐप्स में बिना ज़रूरत के ऑटोमैटिक डाउनलोड बंद कर दें।
2. ईमेल को सुरक्षित रखें
हर एक्सचेंज के लिए अलग ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल करें। मज़बूत टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें, बेहतर होगा कि हार्डवेयर सिक्योरिटी की का इस्तेमाल करें। फोन-आधारित रिकवरी से बचें, क्योंकि इससे SIM-स्वैप अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
3. हर जगह अलग पासवर्ड रखें
हर अकाउंट के लिए एक मज़बूत और अलग पासवर्ड बनाएं और उसे किसी अच्छे पासवर्ड मैनेजर में सेव करें। जिस डिवाइस पर मैनेजर चल रहा है उसे सुरक्षित रखें; मैलवेयर इसकी सुरक्षा को तोड़ सकता है।
4. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें
एक्सचेंज और ईमेल दोनों अकाउंट्स पर 2FA का इस्तेमाल करें। ऑथेंटिकेशन कोड सुरक्षा बढ़ाते हैं, लेकिन मैलवेयर और फिशिंग साइट्स इन्हें चुरा या आगे भेज सकती हैं।
5. हार्डवेयर सिक्योरिटी कीज़ का इस्तेमाल करें
जहां यह सुविधा उपलब्ध हो, वहां एक्सचेंज, ईमेल और पासवर्ड मैनेजर अकाउंट्स को हार्डवेयर सिक्योरिटी कीज़ से सुरक्षित करें। ये हर वेबसाइट के लिए अलग ऑथेंटिकेशन देती हैं, जिससे फिशिंग से बचाव आसान होता है।
6. SMS ऑथेंटिकेशन से बचें
ऑथेंटिकेटर ऐप्स या हार्डवेयर सिक्योरिटी कीज़ को तरजीह दें। अगर कोई हमलावर आपका फोन नंबर अपने कंट्रोल में ले ले, तो वह SMS कोड बीच में ही पकड़ सकता है।
7. विथड्रॉवल एड्रेस को व्हाइटलिस्ट करें
विथड्रॉवल सिर्फ अप्रूव्ड एड्रेस तक सीमित रखें, ताकि बिना अनुमति के ट्रांसफर करना मुश्किल हो जाए।
8. API क्रेडेंशियल्स को सुरक्षित रखें
API कीज़ को प्राइवेट रखें और उनके गलत इस्तेमाल को रोकें। एसिमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (asymmetric authentication) के मामले में, प्राइवेट की को अपने पास सुरक्षित रखें और एक्सचेंज को सिर्फ पब्लिक की दें।
खोई हुई API क्रेडेंशियल्स को आमतौर पर बदला जा सकता है; लेकिन वॉलेट कीज़ के लिए अलग बैकअप रणनीति ज़रूरी है।
9. आइडेंटिटी वेरिफिकेशन पूरा करें
आइडेंटिटी वेरिफिकेशन ओनरशिप चेक, संदिग्ध गतिविधियों की जांच और विरासत संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करता है। एक्सचेंज द्वारा मांगे जाने वाले डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरतों को अच्छी तरह समझ लें।
10. डिवाइस को फिजिकली सुरक्षित रखें
मज़बूत स्क्रीन लॉक लगाएं और फोन, कंप्यूटर, हार्डवेयर वॉलेट व बैकअप को सुरक्षित रखें। एक ही फोन से ईमेल, एक्सचेंज अकाउंट और ऑथेंटिकेशन कोड—सब कुछ एक्सेस हो सकता है।
11. फिशिंग से बचें
एक्सचेंज हमेशा भरोसेमंद बुकमार्क या ध्यान से टाइप किए गए एड्रेस से ही खोलें। किसी अनचाहे ईमेल, SMS या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करने के बाद कभी भी अपनी जानकारी न डालें।
अगर कोई खुद को एक्सचेंज का कर्मचारी या कोई मशहूर हस्ती बताकर अचानक संपर्क करे, तो सावधान रहें।
कस्टडी का सही मिश्रण चुनें
अपनी तकनीकी समझ, सुरक्षा के तरीकों और ज़रूरतों के अनुसार फंड को एक्सचेंज और पर्सनल वॉलेट के बीच बांटें।
सेल्फ-कस्टडी में आपको खुद कीज़ की सुरक्षा और रिकवरी की ज़िम्मेदारी लेनी होती है। एक्सचेंज कस्टडी में प्रोवाइडर पर भरोसा और अकाउंट की मज़बूत सुरक्षा ज़रूरी है। एक अलग वॉलेट रखने से एक्सचेंज के मेंटेनेंस के दौरान भी आप अपने फंड एक्सेस कर सकते हैं।





